a year ago*सेवा करनी है तो - घड़ी मत देखो* *प्रसाद लेना है तो - स्वाद मत देखो* *सत्संग सुनाना है तो - जगह मत देखो* *बिनती करनी है तो - स्वार्थ मत देखो* *समर्पण करना है तो - खर्चा मत देखो* *रहमत देखनी है तो जरूरत मत देखो* *जीत किसके लिएहार किसके लिए* , *ज़िंदगी भर ये तकरार किसके लिए*.. *जो भी आया है वो जायेगा एक दिन यहाँ से* , *फिर ये इंसान को इतना अहंकार किसके लिए* *🙏🙏शुभ रविवार 🙏🙏*
