14 days agoआपसे बिछड़ने का एहसास ही आँखें नम कर जाता है माँ… 🥹❤️ अभी तो आपके साथ सिंदूर खेला की खुशियाँ मनाई थीं, और अब फिर से अगले साल आपके आने का इंतज़ार रहेगा। माँ, आप भले ही अपने धाम लौट जाएँ, लेकिन हमारे दिल में आप हमेशा बसी रहेंगी। आपका आशीर्वाद, आपकी ममता और आपकी शक्ति हमेशा हमारे साथ रहे। बस यही प्रार्थना है कि अगले बरस फिर आप आएँ, हमारे आँगन में खुशियाँ लाएँ और हमें फिर से आपके चरणों में शीश झुकाने का सौभाग्य मिले। माँ, आपसे जुदा होना आसान नहीं… क्योंकि बेटी का दिल अपनी माँ के बिना अधूरा है। ❤️🥺🌺 जय माता दी 🙏❤️ बोलो दुर्गा माँ की जय! 🌺✨
