10 months agoतुम्हारा इंतज़ार मेरे लिए ऐसा है जैसे तेज धूप के बाद फुलवाड़ी बारिश का ✍🏻🕊️
10 months agoइस कविता में उद्धत शब्दका तीन बार उपयोग किया गया है । और इस शब्द के दो अर्थ है। 1) शाब्दिक अर्थ: ‘उत्’ (ऊपर) + ‘धत्’ (धारण करना) — जो ऊपर उठा हुआ हो। या जो सीमाँ से ऊपर उठा हुआ हो। 2) अर्थ: अभिमानी, घमंडी या अहंकारी व्यक्ति। इन शब्दों को बारी बारी अलग तरीक़े से लगाने से नए आयाम बनते है, नए अर्थ पैदा होते है । आपका अर्थ जानने में रुचि रहेगी । नहीं अब मैं चलूँगी। यह सुनते ही जाने को कब से उद्धत यह पहाड़ है जिसकी चोटी पर एक घर मंदिर है और एक देवी स्त्री। वह जा रही मूर्ति थी। वह पत्थर की तरह कठोर नहीं थी। उसके चले जाने के समय से जाने को उद्धत यह पहाड़ किसी एक दिन से उसके आने की प्रतीक्षा में उद्धत पहाड़ है। - विनोद कुमार शुक्ला
