a month agoमृत्यु सामने खड़ी होने पर भी, जिन्होंने धर्म और स्वराज्य के लिए, औरंगज़ेब की आँखों में आँखें डालकर मौत को ललकारा, ऐसा एक ही योद्धा था… स्वराज्य का छावा शंभूराजे! “देश और धर्म पर मिटने वाला, शेर शिवा का वह छावा था। महापराक्रमी, परम प्रतापी, एक ही शंभू राजा था।। मुगल सेना ने घेर लिया, फिर भी जो झुका नहीं, अंग-भंग हो गए, फिर भी जिसका स्वाभिमान बिका नहीं, रक्त की नदियाँ बह गईं, फिर भी जिसने अपना धर्म छोड़ा नहीं! वह था शिवबा का सिंह… छत्रपति संभाजी महाराज!”🥺🙏🚩
