20 days agoअगर कुछ नहीं कर पाया तो क्या होगा, क्या मेरा सपना अधूरा रह जाएगा? हार गया अगर इस ज़िंदगी की दौड़ में, क्या मेरा होना भी बेकार हो जाएगा? नहीं… गिरूँगा तो फिर उठूँगा, रुकूँगा तो फिर चलूँगा, आज नहीं तो कल सही, एक दिन अपने नाम का आसमान लिखूँगा।
