Instagram story viewer> @manuswm95> Posts
395
followers
355
following
प्रकृति प्रेमी हूं🥰🤗
नेचर ही सब कुछ है मेरे लिए उसके बीना
मैं कुछ भी नहीं 🌺🌼💞
POSTS STORIES REELS TAGGED
#lovenature💚 
#दोस्ती 
#godbless 
.
.
आ बैठ पास मेरे,
कुछ बीते लम्हे
याद करते हैं।

कुछ तू अपनी सुना,
कुछ मैं अपनी बताऊँ,
यूँ ही कुछ खट्टे-मीठे
पल याद करते हैं।

ना इल्ज़ाम तू दे मुझे,
ना ग़लत मैं तुझे ठहराऊँ,
वो मीठी सी यादें ही
साथ रखते हैं।

मिलना तू मुझे,
सारी भूली-बिसरी गलतियों
को दरकिनार करके,
यूँ ही रूहानी-सी
रूहानियत साथ
रखते हैं।। ✨🤍

@मनु✍️🤍 by @manuswm95
17
4 months ago
Download
🌿🌺✍️🍁🤗💫🙌🫰🤌 by @manuswm95
10
21 hours ago
Download
🍁🌻🌿🌺✨🫶🫰
फूलों से सीखा 

टूटे हुए फूल 
टूटते ही नहीं 
वो टूटकर भी 
दूसरों को सदा
संवारना जानते हैं

कुछ टूटकर किसी
देवालय की शोभा
बन जाते हैं 

कुछ टूटकर किसी
के गले का हार बन जाते हैं 

कुछ टूटकर सज जाते हैं 
किसी के बालों में 
गजरा बनकर 

कुछ टूटकर सज जाते 
हैं किसी कि अंतिम विदाई 
के पलो में 

टूटकर ये शिकायतों 
से नहीं कोसते किसी 
तोड़ने वाले को 

ये सज जाते हैं 
बड़ी सहजता से 
वाकई सीखा जाना 
चाहिए टूटकर सज जाना
इन फूलों से 
        मनु✍️🌺🌻🍁 by @manuswm95
30
2 days ago
Download
शुभ रात्रि 🌃🌃 
✍️💫✨🤍🤍🌿
.
.
manu meena ✍️🤍 by @manuswm95
35
6 days ago
Download
🤍🌻🍁🌿
भटक गईं 

उनकी बनाई लकीरों,
बेड़ियों से मैं छिटक गईं,
उनको लगा कि मैं भटक गईं।

जब चलना चाहा मैंने
उनकी बनाई लकीरों से हटकर,
तो लगा उनको
कि मैं भटक गईं।

भरी उड़ान जब हौसलों की,
तोड़े पिंजरे उनके,
तो लगा उनको
कि मैं भटक गईं।

ना माना मैंने इस सभ्य समाज कि 
बनाई कुंठित कुरीतियों को,
तो लगा इनको
कि मैं भटक गईं।।

— मनु ✍️ by @manuswm95
40
6 days ago
Download
🌻🌿🌺💞🔮🧿✍️©️🤍✨
.
.
.
@manuswm95 ✍️🌻🌿 by @manuswm95
31
8 days ago
Download
अवतरण दिवस कि हार्दिक शुभकामनाएं सखी 
Bless you 🎂🎉🎊💞🥰 महादेव हमेशा स्वस्थ और प्रसन्न रखें आपको 💞🙏 
आपकी लेखनी यूं ही बेबाक सत्य को लिखती रहे 
ख़ूब तरक्की करो यारा 🥰🥰 
#नारी_शक्ति 
#एक_स्त्री #godbless #बर्थडेस्पेशल #lovenature 
.
.
.
मनु✍️🎉🎊 by @manuswm95
42
10 days ago
Download
🌿🌺🤍🧿
तुमसे दूर होने के बाद
मेरे मन में कई सारे सवालों
का तूफ़ान उठा।

और तड़पकर ख़ुद से
ही पूछ बैठी हूँ कि—

क्या मिला, एक और बार
विश्वास टूट जाने पर?

बदले में जवाब आया—
मिला है ना…

मैं ख़ुद ही ख़ुद से
मिल गई हूँ।

जो बदले की भावना थी,
वो आभार में बदल गई।

बिछड़कर मैं तुमसे
अब ख़ुद से रूबरू होना
सीख गई।
— मनु ✍️🤍🌿 by @manuswm95
29
10 days ago
Download
🌺💞💓
@ujlajeevan 
 
आज मिलिए प्रकृति के सानिध्य और प्रेम से भरपूर बुक से जिसे लिखा हैं प्यारी सी श्वेता शर्मा जी मेम ने 
बहुत ही सुंदर संग्रह हैं जिसमें प्रेम हैं प्रकृति सौंदर्य हैं और कईं सारी ऐसी लेखनी हैं जिनसे आप अच्छी प्रेरणा ले सकते हैं पढ़िएगा ज़रूर 
एक लेखक और पाठक के बीच आत्मा का जुड़ाव होता हैं जिससे एक दूसरे कि भावनाओं का आदान प्रदान करते हैं एक लेखक अपनी आत्मा में उपजे अनगिनत भावों को कागज़ पर उतार देता हैं और फ़िर पाठक उन्हीं अनकहे अल्फाजों को पढ़कर अपने विचार व्यक्त करता हैं तो हमनें पढ़ ली हैं बहुत बहुत प्यारी बुक हैं 
Thank you so much आपका मेम इतनी प्यारी बुक लिखने के लिए माधव आपको हमेशा स्वस्थ और प्रसन्न रखें ✨ लिखते रहिए ❤️❤️💫✨👌✍️🤌🤌🫶🫰🥰🌺💞💓 by @manuswm95
53
11 days ago
Download
@manuswm95

वहीं गाँव, जगह वहीं,
जहाँ बचपन मेरा गुज़रा था,
रहते थे बेख़ौफ़ होकर जहाँ,
खेला करते थे रात-रात भर,
अनजान उस ख़ौफ़ से
कि कोई कुछ कह देगा।
डर था तो बस भूतों का,
चुड़ैलों का—
नहीं जानकारी थी कि
कोई आदमी भी
भूत से डरावना होता होगा।
रात कितनी भी हो जाया करती थी
खेलते हुए,
परंतु माँ घबराया नहीं करती थीं,
जैसे आज घबरा गईं।
गए थे आज भी उसी तरह खेत में,
जहाँ बचपन में
बेख़ौफ़ जाया करते थे हम।
हुआ थोड़ा-सा क्या अँधेरा,
माँ तो घबराकर निकल पड़ीं
हमें लेने।
जब पूछा—
“आ तो रहे थे हम,
फिर काहे ज़हमत उठाई
यहाँ आने की?”
तो बोलीं—
“मेरी जान हलक में आ गई,
सोचा आज तो कोई मार गया
तुम सबको।”
फिर एक पल ठहरकर बोलीं—
“ज़माना बहुत बुरा है आज का,
ये दौर नहीं है
बेख़ौफ़ बचपन का।”
माँ, देख—
ये हालत देखकर
बड़ा अचंभा और अफ़सोस हुआ।
क्या यही वो गाँव है,
वही जगह है,
जो बचपन में हुआ करती थी?
अब समझ आता है
कितना बदल गया है सब कुछ।
जहाँ बेख़ौफ़ होकर
खेला करते थे हम,
वहीं अब डर
दिन-दहाड़े अपना रूप दिखाता है।
वक़्त बदला,
गाँव वही रहा—
बस बचपन की वो बेख़ौफ़ दुनिया
कहीं पीछे छूट गई।
.
.
— मनु ✍️ by @manuswm95
31
13 days ago
Download
उठो हे नारी
उठो हे नारी,
अब तुम ख़ुद अपनी रक्षा की कमान संभालो।
कोई न तुम्हें बचाने वाला,
कोई न तुम्हारा साथ निभाने वाला।
सोचो… सोचो,
एक बात ज़रा गौर से सोचो—
जब शिव भी सती को
उस अहंकार की अग्नि में जलने से न बचा सके,
जब राम भी सीता मैया को
दुष्टों के कटु वचनों से उठी अग्नि-परीक्षा से न बचा पाए,
और जब इतने सबल, इतने बलवान पांडव भी
द्रौपदी को उस अपमान से न बचा पाए—
एक परमेश्वर, दूजा ईश्वर,
फिर भी न बचा पाए…
तो फिर किससे आस लगाए बैठी हो?
बन तू ख़ुद ही
काली, चंडी और दुर्गा भी।
लेकर चल अपनी आँखों में
अंगारों-सी ज्वाला,
जिसे देखकर भस्म हो जाए
वो दुराचारी,
जो देखने भर से ही
अपने आचरण को उजागर कर रहा हो।
उठो हे नारी,
अब तुम ख़ुद अपनी रक्षा की कमान संभालो।
अपने अस्तित्व की प्रहरी बनो,
अपनी आवाज़ की ताक़त पहचानो,
और अपने भीतर सोई हुई
उस शक्ति को जगा लो।
क्योंकि—
तुम्हें बचाने कोई आए,
उससे पहले तुम ख़ुद
अपने लिए खड़ी होना सीखो।
उठो हे नारी,
अब तुम ख़ुद अपनी रक्षा की � by @manuswm95
38
17 days ago
Download
🍁🌻🤍🫶🫰
#godbless #lovenature #सफ़र #life #मुसाफ़िर 
.
.
.
©️मनु✍️🤍🍁 by @manuswm95
31
19 days ago
Download

Download All

Save the photos and videos currently loaded on this page.

0Photos
0Videos
Ready to download 0 / 0

Keep this tab open until your download is ready.

back to up