Posted On: January 30th 2025, 04:34 pm
जब मैं स्कूल में महापुरुषों के बारे में पढ़ता था तो मेरे मन मैं हमेशा ये जिज्ञासा रहती थी की इन महान विभूतियों के बारे में जो भी लिखता है वो जानकारी कहा से लाते होंगे। आज मुझे बहुत गर्व होता है मैं भी किसी विश्व विख्यात विभूति के लिए पिछले 11 साल से जानकारियाँ इकट्ठा कर रहा हूँ जिन्हे नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है आदरणीय श्री कैलाश सत्यार्थी जी ये वो नाम है दुनिया को बच्चों के विषय पर सोचने ही नहीं बल्कि लोगो को ये अहसास दिलाया की एक उन्नत समाज की परिकल्पना बिना बच्चो के बेहतर जीवन के बिना संभव नहीं , अब 44 साल बाद उन्होंने करुणा के आंदोलन को लोगो की धमनियों तक पहुंचाने का पीड़ा उठाया है उनका मानना है हर इंसान के अंदर करुणा का अनंत सागर है पर हम उसका इस्तेमाल जब करते है जब बात अपने परिवार की हो, अपने करुणा का दायरा फैलाए और दुनिया को अपना बनाये । आज उनकी आत्मकथा या यू कहिए हमारी आत्मकथा “दियासलाई” का विमोचन जयपुर लिटरेचर फेस्ट में हुवा, हमारी आत्माकथा क्यों बोला है मैंने ये तो आपको किताब पढ़ के ही पता चलेगा । आज अपने आपको बहुत ही गर्वान्वित महसूस कर रहा हूँ ।
#KailashStyarthi