Posted On: July 1st 2026, 08:10 pm
शायद फिर कभी
शायद फिर कभी तुमसे मुलाक़ात होगी,
तुम मेरा नाम पूछना,
मैं तुम्हारा हाल पूछूँगा।
शायद फिर कभी तुमसे आँखें मिलेंगी,
एक बार फिर मुझे
उन आँखों में समा जाने देना।
शायद फिर कभी
तुम मेरे कंधे पर अपना सिर रखना,
मैं तुम्हारे बाल सँवारता रहूँगा।
शायद फिर किसी दिन
तुम मेरा नाम पुकारना,
हम चले आएँगे।
शायद फिर कभी
तुम दूर जाना तो यूँ,
मुड़कर हमें देखते रहना..
अच्छा लगेगा।
शायद फिर कभी तुमसे मुलाक़ात होगी,
तुम मेरा नाम पूछना,
मैं तुम्हारा हाल पूछूँगा।
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